पर्यावरण

पर्यावरण ऐसा विषय है, जिसे अन्य क्षेत्रों के साथ जोड़ कर ही समझा जा सकता है। कृषि से लेकर उद्योग-धंधों तक और जंगल से लेकर आधुनिक शहरों तक। ग्रामीण जीवन से लेकर शहरी जीवन तक और पशुओं से लेकर इंसान के स्वास्थ्य तक इसका सीधा प्रभाव है। जलवायु परिवर्तन को लेकर तेज होती चिंता के साथ ही यह बेहद जरूरी हो गया है कि ऐसे सभी क्षेत्रों में योजनाएं बनाते और उनको अमल में लाते समय पर्यावरण से जुड़े मुद्दों का पूरा ध्यान रखा जाए।

पर्यावरण संरक्षण राज्य सरकार की कार्यसूची में हमेशा मौजूद रहा है। राज्य की योजना प्रक्रिया में भी इसे शामिल किया जाता रहा है। मध्य प्रदेश जैसे विकासशील राज्य के लिए यह बेहद जरूरी है कि एक तरफ वह अपनी विकास की रफ्तार को बढ़ाए, वहीं अपने दीर्घकालिक भविष्य का ध्यान रखते हुए लगातार पर्यावरण अनुकूलता का भी ध्यान रखे।

मुख्य रणनीतियाँ

  • राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र की स्थापना करना
  • नीतिनिर्माताओं को रानीतियों के चयन हेतु, मूल्यांकन संबंधी अद्यतन उपकरणों का विकास करना. उदाहरण के लिए क्षेत्रीय ग्रीन हाउस गैस इन्वेंटराईजेशन और मार्जिनल एबेटमेंट कास्ट कोर्सेस (MACC) का विकास करना.
  • जलवायु परिवर्तन के सन्दर्भ में राज्य की सुभेद्याताओं का आकलन करना
  • जलवायु परिवर्तन के प्रति लोचशीलता निर्माण के सन्दर्भ में विभिन्न विकास कार्यक्रमों का मूल्यांकन करना. विशेष रूप से उनके सापेक्ष योगदान का मूल्यांकन करते हुए उन्हें जलवायु परिवर्तन प्रतिरोधी बनाने हेतु सुझाव देना
  • जलवायु परिवर्तन मुद्दों पर विभिन्न हितग्राहियों का क्षमता वर्धन करना
  • नियोजन प्रक्रिया में जलवायु परिवर्तन चिंताओं को शामिल करने हेतु विभिन्न विभागों की मदद करना
  • जलवायु परिवर्तन कार्य योजना की निगरानी और मूल्यांकन के लिए उपयुक्त क्षेत्रवार बेसलाइन अध्ययन करना 

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