मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन को ले कर चुनौतियां और तैयारियां

डाक्टर (श्रीमती) मालती गोयल विज्ञान और तकनीकी विभाग (डीएसटी) की पूर्व सलाहकार हैं। इस समय वे जलवायु परिवर्तन शोध संस्थान की कार्यकारी निदेशक हैं और साथ ही वन वर्ल्ड फाउंडेशन के साथ मध्य प्रदेश राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन परियोजना के लिए वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर जुड़ी हुई हैं।

डाक्टर गोयल ने क्लाइमेट चेंज एडोप्टेशन इन रूरल एरियाज ऑफ इंडिया (सीसीए-आरएआई) पर जीआईजेड परियोजना के हवाले से मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के संबंध में अपना विस्तृत आकलन पेश किया है। अपने अध्ययन में इन्होंने राज्य की जटिल सामाजिक संरचना का विशेष तौर पर खयाल रखा है। इन्होंने सावधान किया है कि जलवायु के बदलते मिजाज की वजह से प्राकृतिक आपदाओं की संख्या और भयावहता दोनों ही में बढ़ोतरी आ सकती है। साथ ही राज्य को सूखे, बाढ़ और तूफान का खतरा भी बढ़ेगा। इनका कहना है कि जलवायु परिवर्तन की गंभीरता एक साथ पर्यावरण संबंधी, सामाजिक और आर्थिक वविकास की स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए सभी जिलों के लिए एक जैसी नीति सही नहीं हो सकती। इसकी जगह पर विवेकपूर्वक सभी जिलों के लिए स्थानीय जरूरतों के मुताबिक नीति बनाने से हमें पर्यवारण को ले कर उठ रहे खतरे से निपटने में ज्यादा मदद मिलेगी।

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प्रकाशित तिथि:नवंबर 14, 2014
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