पर्यावरण संरक्षण और संस्थागत सुद्रढीकरण

पर्यावरण संरक्षण और संस्थागत सुद्रढीकरण परियोजना मध्य प्रदेश के मंडला जिले में चलाई गयी. यह परियोजना संयुक्त रूप से “ग्रामीण भारत में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन” (सी.सी.ए. आर.ए.आई) एवं “फाउन्डेशन फॉर इकोलाजिकल सिक्योरिटी” (एफ.ई.एस) द्वारा चलाई गयी. 

यह दस्तावेज बतलाता है कि किस प्रकार इस परियोजना ने मंडला जिले के स्थानीय रहवासी समुदाय के आजीविका से जुड़े मुद्दों को हल करने का प्रयास किया. ये समुदाय छोटे स्तर की किसानी, मछली मारने, और वनोपज संचय द्वारा अपनी आजीविका चलाते हैं. वर्षा और तापमान में आजकल हो रहे बदलावों ने जैव विविधता को जिस तरह प्रभावित किया है, उसका असर इनकी आजीविका पर भी पड़ा है. ये दुष्प्रभाव कुछ और कारणों से बढ़ गए हैं, जैसे कि स्थानीय जनसंख्या में शिक्षा का कम स्तर और जीवन-यापन के लिए साधनों की कमी. ये दोनों कारक मिलकर स्थानीय समुदाय की अनुकूलन क्षमता पर बुरा असर डालते हैं.

यह परियोजना, स्थानीय जैव विविधता में सुधार करके इस क्षेत्र में नष्ट हो चुके जंगलों की पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करने को लक्ष्यित है. साथ ही मिट्टी के कटाव को रोकना एवं  ग्रामीण निकायों के समुदायिक प्रयासों का सुद्रढीकरण करते हुए खाद्य सुरक्षा हेतु स्थानीय समुदाय को आजीविका के विविध साधन उपलब्ध कराना भी इसमें शामिल हैं. जलवायुवीय परिवर्तनशीलता द्वारा पैदा की गयी चुनौतियों के बावजूद कृषि उत्पादन सुधारना भी इसका एक प्रमुख लक्ष्य रहा है. 

संसाधन प्रकार:शोध अध्ययन
प्रकाशित तिथि:जून 20, 2014
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