जलवायु परिवर्तन से मध्यप्रदेश में खेती में आ रहा बदलाव

यह चित्रकथा मध्यप्रदेश में रायसेन जिले के किसानों के बारे में है. यह बतलाती है कि जलवायु परिवर्तन के कारण किस प्रकार स्थानीय किसानों की खेती करने के तरीके में बदलाव आ रहा है. लगभग दस साल पहले सोयाबीन यहाँ के किसानों की सबसे पसंदीदा फास हुआ करती थी. सोयाबीन एक लेग्युम यानी फलीदार फसल है जो एक खरीफ फसल मानी जाती है जिसकी पैदावार इस इलाके में अच्छी हुआ करती थी. लेकिन हाल ही के कुछ वर्षीं में इस इलाके में बारिश के तरीके में बदलाव हुआ है. अब जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश का तरीका पूरी तरह बदल गया है और अनियमित व कम समय में तेज़ बारिश होने लगी है. इसके कारण सोयाबीन की फसल को लगातार नुक्सान होने लगा है और धीरे धीरे स्थानीय किसान अब सोयाबीन की जगह धान उगाने लगे हैं. चूंकि इस तरह की बारिश धान के लिए मददगार होती है, आजकल इस इलाके में बड़े पैमाने पर धान बोई जाने लगी है.